डॉक्टर से फिल्ममेकर बने विशाल चतुर्वेदी की कहानी है बेहद खास, 10 लाख से 54 करोड़ तक का सफर
Thursday, Sep 03, 2026-05:41 PM (IST)
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्में बड़े बजट और बड़े सितारों के साथ रिलीज होती हैं, लेकिन कभी-कभी कम बजट की फिल्म भी दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बना लेती है। साल 2026 की आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ इसकी एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है। करीब ₹2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 7 अगस्त को सिर्फ ₹10 लाख की ओपनिंग ली थी। हालांकि, धीरे-धीरे दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ी और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के चलते इसकी कमाई लगातार बढ़ती गई। फिल्म ने 26 दिनों में ₹54.13 करोड़ नेट और ₹63.82 करोड़ ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है।
इस फिल्म की सफलता के पीछे लेखक और निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी का बड़ा योगदान है। ‘हनुमान अंश’ के जरिए उन्होंने आध्यात्मिकता, आस्था और इंसानी भावनाओं को एक कहानी के रूप में पर्दे पर पेश किया है।
कैंची धाम से शुरू हुआ जुड़ाव
लखनऊ में जन्मे और पले-बढ़े डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने 2006 में गोरखपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। उसी साल हल्द्वानी में पोस्टिंग के दौरान उन्हें कैंची धाम जाने का मौका मिला। यहीं पहली बार उनका परिचय नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से हुआ। इस अनुभव का उन पर गहरा असर पड़ा। करीब दो दशकों तक यह विचार उनके साथ रहा और बाद में इसी से ‘हनुमान अंश’ की कहानी को प्रेरणा मिली। फिल्म नीम करोली बाबा के जीवन, विचारों और शिक्षाओं से प्रेरित है।
पहली फिल्म ने ही बनाई खास पहचान
‘हनुमान अंश’ विशाल चतुर्वेदी की पहली फीचर फिल्म है। खास बात यह है कि पहली ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि शुरुआत भले ही धीमी रही, लेकिन दर्शकों की प्रतिक्रिया के बाद फिल्म की कमाई लगातार बढ़ती गई। 26वें दिन फिल्म ने ₹8.50 करोड़ नेट कमाए, जबकि उसी दिन यश की ‘टॉक्सिक’ ने ₹8.20 करोड़ का कलेक्शन किया। कम स्क्रीन और सीमित संसाधनों के बावजूद फिल्म का इतना अच्छा प्रदर्शन करना काफी खास माना जा रहा है।
फिल्मों के अलावा इन क्षेत्रों में भी सक्रिय हैं विशाल
फिल्ममेकिंग से पहले भी विशाल चतुर्वेदी कई अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर चुके हैं। वह पिछले 14 वर्षों से कंटेंट क्रिएशन, फिल्ममेकिंग और कुकिंग से जुड़े हुए हैं। वह लेखक, शोधकर्ता, शेफ, फिल्ममेकर और उद्यमी के तौर पर काम कर चुके हैं। वह 'द इंडियन थिंग' और 'होली काव होम प्रोडक्शंस' के संस्थापक भी हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए उन्होंने कई ब्रांड्स और प्रोजेक्ट्स के लिए कंटेंट तैयार किया है।
खाने और भारतीय संस्कृति में भी रुचि
विशाल को भारतीय घरों के पारंपरिक खाने और उससे जुड़ी संस्कृति में भी खास दिलचस्पी है। बतौर शेफ उन्होंने ‘घर का खाना’ और उससे जुड़ी भारतीय परंपराओं को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया है। लेखन और शोध के साथ-साथ फिल्मों के प्रति उनका जुनून उन्हें नई कहानियां तलाशने के लिए प्रेरित करता रहा है।
100 ओरिजिनल आईपी बनाने का सपना
विशाल चतुर्वेदी का सपना अपने जीवन में 100 ओरिजिनल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज यानी आईपी तैयार करना है। वह ऐसी कहानियां बनाना चाहते हैं जो सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के दर्शकों से जुड़ सकें। ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने उनके फिल्मी सफर को एक मजबूत शुरुआत दी है। ₹10 लाख की ओपनिंग से ₹54 करोड़ से ज्यादा की कमाई तक पहुंची इस फिल्म की कहानी अपने आप में किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में फिल्म कितनी आगे जाती है और विशाल चतुर्वेदी की अगली कहानी दर्शकों के सामने क्या नया लेकर आती है।
