नशे की लत ने इस फेमस सिंंगर को कर दिया बर्बाद, गवाई आंखों की रोशनी, हुआ पछतावा
Monday, Mar 31, 2025-04:16 PM (IST)

बाॅलीवुड तड़का : हॉलीवुड के फेमस 78 वर्षीय सिंगर एल्टन जॉन ने हाल ही में अपनी मृत्यु के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी मौत के बारे में सोचना पसंद नहीं है, लेकिन फिर भी उम्मीद जताई कि वह कम से कम 20 साल और तक जीना चाहुंगा।
गाने ने दिल को छुआ, आंखों में आंसू आए
एल्टन जॉन ने यह बात अपनी पत्नी डेविड फर्निश से बातचीत करते हुए कही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब वह अपना नया गाना 'When This Old World Is Done With Me' रिकॉर्ड कर रहे थे, जो इसी विषय से जुड़ा था, तो वह काफी भावुक हो गए। इस गाने के दौरान उनकी आंखों में आंसू आ गए, क्योंकि यह गाना जीवन के समापन और मृत्यु के करीब होने की भावना को व्यक्त करता है।
समय की सीमा महसूस करना
एल्टन जॉन ने रोलिंग स्टोन से बातचीत में कहा, 'मैं 45 मिनट के लिए अपना आपा खो बैठा। यह सब फिल्म में है। मैं बस रोता रहा, रोता रहा… जब आप 77 साल के होते हैं और आपके पास परिवार और दो बच्चे होते हैं, तो आपके पास समय की सीमा होती है।' उन्होंने यह भी कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि उनके पास कम से कम 20 साल और बचे हों, लेकिन इस तरह के गाने सुनकर यह अहसास होता है कि जीवन सचमुच सीमित है।
नशीली दवाओं और शराब पर काबू पाना
एल्टन जॉन ने नशीली दवाओं और शराब की लत से जूझते हुए बिताए गए कठिन सालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मुझे पता था कि मैं मरने वाला नहीं हूं, लेकिन अगर मैंने इस तरह से नशे की लत को जारी रखा, तो मेरी जिंदगी जल्दी खत्म हो सकती थी।' उन्होंने अपने संघर्षों को याद करते हुए कहा, 'मेरी आंखें खुल गईं और तब से चीजें बेहतर हो गईं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सब कुछ आसान हो गया। मैं अब भी संघर्ष कर रहा हूं, ऑपरेशन और आंख की रोशनी की समस्याओं का सामना कर रहा हूं।'
नई शुरुआत, बेहतर जीवन
एल्टन जॉन ने यह भी कहा कि वह हमेशा अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं और संगीत ने उन्हें इससे बाहर निकलने में मदद की। उनके नए एल्बम "Who Believes in Angels" के साथ ब्रांडी कार्लाइल के साथ काम करना उन्हें एक नई ऊर्जा और प्रेरणा दे रहा है। एल्टन ने कहा, 'मैंने पुराने एल्टन जॉन को पीछे छोड़ दिया है और अब यह नया एल्टन जॉन है।'
एल्टन जॉन की यह कहानी उनके संघर्षों और उनके जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें उन्होंने कई मुश्किलें झेलीं लेकिन अंततः बेहतर जीवन की ओर कदम बढ़ाए।