मायथोलॉजिकल फिल्मों का बढ़ा दबदबा, ‘रामायण’ और ‘महाकाली’ के बाद ‘किंग ऑफ सालंगपुर’
Saturday, Sep 05, 2026-01:07 PM (IST)
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय सिनेमा में मायथोलॉजिकल और धार्मिक कहानियों को लेकर दर्शकों की बढ़ती दिलचस्पी के बीच अब गुजराती सिनेमा में भी एक खास भक्ति-कथा बड़े पर्दे पर आने के लिए तैयार है। ज़ी स्टूडियोज़ और वामिका फिल्म्स ने अपनी आगामी गुजराती डिवोशनल फिल्म 'किंग ऑफ सालंगपुर' का ऐलान किया है। फिल्म की घोषणा के साथ इसका फर्स्ट लुक भी जारी किया गया है, जिसमें सालंगपुर हनुमान दादा की दिव्य छवि की झलक देखने को मिलती है।
हाल के दिनों में 'रामायण', 'महाकाली' और 'जय हनुमान' जैसी पौराणिक कहानियों को लेकर दर्शकों के बीच लगातार उत्सुकता देखने को मिल रही है। इसी बढ़ते मायथोलॉजिकल बज़ के बीच 'किंग ऑफ सालंगपुर' गुजराती सिनेमा के जरिए आस्था, भक्ति और भगवान के आशीर्वाद की एक भावनात्मक कहानी को दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
ज़ी स्टूडियोज और वामिका फिल्म्स की यह फिल्म दर्शकों को एक ऐसी यात्रा पर ले जाने का वादा करती है, जो सालंगपुर हनुमान दादा की आस्था और आध्यात्मिक महत्व से जुड़ी होगी। गुजरात के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में शामिल सालंगपुर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। ऐसे में फिल्म के जरिए इस पवित्र स्थल और यहां से जुड़ी भक्ति की कहानी को बड़े पर्दे पर पेश किया जाएगा।
फिल्म के फर्स्ट लुक ने रिलीज़ के साथ ही दर्शकों का ध्यान खींचा है। फर्स्ट लुक के जरिए फिल्म की दुनिया और इसके आध्यात्मिक माहौल की झलक देखने को मिलती है, जिसके बाद दर्शकों में इस अनोखी डिवोशनल कहानी को सिनेमाघरों में देखने की उत्सुकता बढ़ गई है।
'टॉम एंड चेरी' के बाद गुजराती सिनेमा में ज़ी स्टूडियोज की अगली बड़ी फिल्म
गुजराती सिनेमा में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करते हुए ज़ी स्टूडियोज़ अब 'किंग ऑफ सालंगपुर' के साथ क्षेत्रीय मार्केट में अपनी पकड़ को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे पहले स्टूडियो ने अपनी पहली गुजराती फिल्म 'टॉम एंड चेरी' के साथ इस मार्केट में कदम रखा था। फिल्म की सफलता के बाद अब ज़ी स्टूडियोज़ एक ऐसी कहानी लेकर आ रहा है, जो गुजरात की संस्कृति, आस्था और धार्मिक भावनाओं से सीधे जुड़ी हुई है।
'किंग ऑफ सालंगपुर' के जरिए स्टूडियो का फोकस गुजराती दर्शकों के लिए स्थानीय जड़ों से जुड़ी कहानी पेश करने के साथ-साथ इसे बड़े सिनेमाई अनुभव में बदलने पर है। फिल्म की कहानी में भक्ति और भावनाओं के साथ एक ऐसा विज़ुअल ट्रीटमेंट देखने को मिल सकता है, जो इसे बड़े पर्दे के लिए खास बनाता है।
प्रशांत देशवाल के निर्देशन में बन रही है फिल्म
'किंग ऑफ सालंगपुर' का निर्देशन प्रशांत देशवाल कर रहे हैं। फिल्म को ध्रुव देशवाल, अमित संतोक़ी, चेतन थुम्मर और आनंद अघारा प्रोड्यूस कर रहे हैं। वहीं हार्दिक गडारा को-प्रोड्यूसर और मोहित वाघासिया क्रिएटिव प्रोड्यूसर के तौर पर प्रोजेक्ट से जुड़े हैं।
ज़ी स्टूडियोज़ और वामिका फिल्म्स के साथ आने से फिल्म को एक मजबूत प्रोडक्शन और थिएट्रिकल प्लेटफॉर्म मिलने की उम्मीद है। दोनों कंपनियों का उद्देश्य गुजरात की इस महत्वपूर्ण धार्मिक और आध्यात्मिक कहानी को ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाना है।
सालंगपुर हनुमान दादा की आस्था को बड़े पर्दे पर लाने की कोशिश
'किंग ऑफ सालंगपुर' की खासियत इसका विषय है। सालंगपुर हनुमान दादा गुजरात ही नहीं, बल्कि देशभर में श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था का केंद्र हैं। फिल्म इसी आस्था, विश्वास और भक्ति को कहानी के केंद्र में रखकर आगे बढ़ती है।
फिल्म के फर्स्ट लुक के सामने आने के बाद अब दर्शकों की नजर इसके अगले अपडेट पर है। मेकर्स आने वाले समय में फिल्म की कहानी, कास्ट और रिलीज़ से जुड़ी और जानकारी साझा कर सकते हैं।
ज़ी स्टूडियोज़ और वामिका फिल्म्स की 'किंग ऑफ सालंगपुर' ऐसे समय में सामने आ रही है, जब भारतीय दर्शकों के बीच पौराणिक और धार्मिक कहानियों को लेकर एक बार फिर मजबूत दिलचस्पी देखने को मिल रही है। ऐसे में गुजरात की आस्था और सालंगपुर हनुमान दादा की महिमा को बड़े पर्दे पर पेश करने वाली यह फिल्म गुजराती सिनेमा में एक अलग तरह की डिवोशनल कहानी लेकर आने के लिए तैयार है।
