Drishyam 3 Review: एक बार फिर शुरू हुई विजय सलगांवकर की आखिरी लड़ाई, सस्पेंस और थ्रिल से भरपूर है कहानी
Friday, Oct 02, 2026-10:36 AM (IST)
फिल्म- दृश्यम 3: द कन्क्लूजन (Drishyam 3: The Conclusion)
स्टारकास्ट- अजय देवगन(Ajay Devgn), तब्बू (Tabu), श्रिया सरन (Shriya Saran), जयदीप अहलावत (Jaideep Ahlawat), प्रकाश राज (Prakash Raj), रजत कपूर (Rajat Kapoor), इशिता दत्ता (Ishita Dutta), मृणाल जाधव (Mrunal Jadhav)
डायरेक्टर- अभिषेक पाठक (Abhishek Pathak)
रेटिंग-4*
Drishyam 3: अजय देवगन स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम 3’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की इस तीसरी कड़ी का दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था ऐसे में फिल्म की रिलीज के साथ एक बार फिर विजय सलगांवकर की कहानी और उसके रहस्यों को जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन, जयदीप अहलावत और मृणाल जाधव अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कैसी है फिल्म...
कहानी
फिल्म की कहानी कई साल बाद शुरू होती है जहां एक बार फिर विजय को सजा दिलाने के लिए तब्बू पूरी ताकत के साथ जुटी नजर आती हैं। इस बार मामले की जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच के एसपी विक्रम तोमर को सौंपी जाती है जो अपनी तेज-तर्रार सोच और प्रभावशाली अंदाज में केस की हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश करते हैं। वहीं, मामला एक बार फिर अदालत की चौखट तक पहुंचता है जहां विजय के खिलाफ प्रकाश राज खड़े होते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है पुराने राज और नए सबूत सामने आने लगते हैं और विजय के सामने एक बार फिर खुद को बचाने की चुनौती खड़ी हो जाती है। अब सवाल यही है कि इस बार विजय अपनी आखिरी लड़ाई जीत पाएगा या फिर उसे अपने किए की सजा भुगतनी पड़ेगी।

एक्टिंग
फिल्म में अजय देवगन ने एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार को बेहद सहजता और गंभीरता के साथ निभाया है। उनके चेहरे के हाव-भाव और संवाद अदायगी किरदार की बेचैनी, चालाकी और भावनात्मक पक्ष को प्रभावी ढंग से सामने लाते हैं। तब्बू अपने किरदार में दमदार नजर आती हैं और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को मजबूती देती है। श्रिया सरन ने भावनात्मक दृश्यों में अच्छा काम किया है और परिवार के बीच उनके किरदार की घबराहट और संवेदनशीलता नजर आती है। जयदीप अहलावत अपने सधे हुए अभिनय से फिल्म में एक अलग प्रभाव छोड़ते हैं। प्रकाश राज ने अपने अनुभव के साथ किरदार में गहराई जोड़ी है, जबकि रजत कपूर ने भी अपनी भूमिका को सहजता से निभाया है। इशिता दत्ता और मृणाल जाधव ने भी अपने किरदार के मुताबिक प्रभावी अभिनय किया है।

डायरेक्शन
फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है। उन्होंने कहानी के सस्पेंस और थ्रिल को बरकरार रखते हुए फिल्म के हर सीन को काफी बारीकी से गढ़ने की कोशिश की है। निर्देशन की खासियत यह है कि कहानी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया है जिससे दर्शकों की उत्सुकता बनी रहती है। किरदारों के बीच तनाव, भावनात्मक दृश्यों और महत्वपूर्ण मोड़ को स्क्रीन पर प्रभावी ढंग से पेश किया गया है। हालांकि कुछ जगहों पर कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी महसूस होती है लेकिन कुल मिलाकर फिल्म आपको बांधे रखेगी।
