''जन नायगन'' की रिलीज में फिर आई अड़चन तो कमल हसन ने दी प्रतिक्रिया-भारत का संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का..
Sunday, Jan 11, 2026-02:11 PM (IST)
मुंबई. सुपरस्टार थलापति विजय की फिल्म 'जन नायगन' रिलीज के लिए इन दिनों कई मुश्किलों को सामना कर रही है। शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय ने सीबीएफसी को फिल्म के लिए यू/ए 16 प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया, हालांकि बाद में सीबीएफसी द्वारा चुनौती देने के बाद इसकी सुनवाई के लिए 21 जनवरी का दिन तय किया गया है। फिल्म को सीबीएफसी से प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण पोंगल के अवसर पर इसकी रिलीज को स्थगित करना पड़ा। ऐसे में अब एक्टर कमल हासन ने 'जन नायकन' को सीबीएफसी से प्रमाण पत्र नहीं मिलने के बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया पर चिंता जताई है।

कमल हासन ने किसी संस्था का नाम लिए बिना या किसी विशिष्ट फिल्म का जिक्र किए बिना कहा, "भारत का संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अधिकार देता है। यह क्षण किसी एक फिल्म से बड़ा है, यह उस स्थान को दर्शाता है, जो हम एक संवैधानिक लोकतंत्र में कला और कलाकारों को देते हैं।"
एक्टर ने कहा, "सिनेमा केवल एक व्यक्ति का श्रम नहीं है, बल्कि लेखकों, तकनीशियनों, कलाकारों, प्रदर्शकों और छोटे व्यवसाय करने वालों का सामूहिक प्रयास है, जिनकी आजीविका एक निष्पक्ष और समयबद्ध प्रक्रिया पर निर्भर करती है।"

हासन ने पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि सेंसरशिप के अस्पष्ट कामकाज रचनात्मकता को दबा सकती हैं और फिल्म उद्योग में आजीविका को क्षति पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने कहा, "जब स्पष्टता का अभाव होता है, तो रचनात्मकता सीमित हो जाती है, आर्थिक गतिविधियां बाधित होती हैं और जनता का विश्वास कमजोर होता है। अब प्रमाणन प्रक्रिया पर फिर से विचार करने, प्रमाणन के लिए समय निश्चित करने, मूल्यांकन को पारदर्शी बनाने और सुझाए गए प्रत्येक कट या संपादन के लिए लिखित व तर्कसंगत औचित्य देने की आवश्यक्ता है।"

इसके साथ ही कमल हासन ने फिल्म इंडस्ट्री से 'एकजुट होने और सार्थक, रचनात्मक संवाद में शामिल होने' का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सुधार 'रचनात्मक स्वतंत्रता की रक्षा करेंगे, संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखेंगे और अपने कलाकारों व लोगों पर विश्वास जताकर भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करेंगे।'
पहले 9 जनवरी को रिलीज हो रही थी फिल्म
बता दें पहले 'जन नायगन' इसी महीने 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सर्टिफिकेट में देरी की वजह से मेकर्स को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। फिल्म निर्माताओं ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस वजह के ‘जना नायगन’ का सर्टिफिकेशन रोका जा रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाया था, जिसके बाद यह साफ हो गया था कि ‘जना नायगन’ को बिना किसी और देरी के ‘UA’ सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
