''शर्म से डूब मरो..रणवीर अल्लाहबादिया के पोस्ट पर कुणाल कामरा ने घेरा, कहा- अच्छे बनने का दिखावा बंद करो

Thursday, Mar 26, 2026-01:17 PM (IST)

मुंबई. फेमस यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया पिछले साल मां-बाप पर की गई अश्लील टिप्पणी को लेकर खूब विवादों में आए थे। कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट टैलेंट' में की गई टिप्पणी को लेकर रणवीर के खिलाफ कानूनी कार्यवाई भी हुई थी। वहीं, अब रणवीर के इस विवाद के सालभर बाद कॉमेडियन कुणाल कामरा ने उन पर निशाना साधा और बताया कि वह अच्छा बनने का ढोंग करते हैं।

दरअसल, रणवीर अल्लाहबादिया ने हाल ही में एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने सफर के 10 साल के बारे में बात की है। साथ ही उन्होंने एक घटना का जिक्र भी किया, जिसने उन्हें पूरी तरह से हिलाकर रख दिया था। रणवीर के इसी पोस्ट पर कुणाल कामरा ने उन्हें  घेर लिया।

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कुणाल कामरा का निशाना
रणवीर के इस पोस्ट पर कुणाल कामरा ने निशाना साधते हुए अपने पोस्ट में लिखा, 'मेरे साथ-साथ 30 से ज्यादा कलाकारों को Latent पर आने की वजह से अधिकारियों ने तलब किया था। तुम्हारी बेवकूफी की वजह से पूरी कॉमेडी बिरादरी को नुकसान उठाना पड़ा। शो रद्द हो गए, वेन्यू ने हाथ खींच लिए, लोगों ने राय बना ली, तुम्हारी बेवकूफी का बुरा साया आज भी कॉमेडियंस की जिंदगी मुश्किल बना रहा है...। तुमने तो उस पहलू को समझने की ज़हमत भी नहीं उठाई।'

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कुणाल ने आगे कहा, 'अच्छा इंसान होने का दिखावा करना बंद करो, तुम वैसे हो नहीं। अपना चेक लो, नजरें झुकाओ, और शर्म से डूब मरो। तुम क्रिएटिविटी के लिए एक रुकावट हो; इसे भुनाना बंद करो और वापस वही करो जो तुम सबसे अच्छा करते हो यानी सामाजिक बदलाव की राह में रोड़ा बनना, साथ ही फ्रॉडकास्टिंग और शोहरत के पीछे भागना...।' 

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रणवीर ने किया था ये पोस्ट
   
रणवीर अल्लाहबादिया ने अपने X अकाउंट पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए अपने उस दिनों को याद किया जब वो काफी विवादों में घिरे थे। उन्होंने लिखा, 'मेरी टीम और मुझे BeerBiceps और The Ranveer Show को उस मुकाम तक पहुंचने में 10 साल लगे, जहां वे आज हैं।' Latent विवाद के बारे में उन्होंने आगे कहा, 'और एक ही घटना में, इसका एक बड़ा हिस्सा हिल गया। जब मेरी टीम मेरी तरफ देखते हुए मुझसे पूछा कि आगे का क्या प्लान है, तो मैंने खुद को संत कबीर के दोहे की ओर लौटते हुए पायाः धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय, माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय। यह एक सीधा सा संदेश है कि विकास में समय लगता है, और दोबारा बनाने में भी। तो ये एक सिंपल रिमाइंडर है कि जिस तरह तरक्की में समय लगता है, वैसे ही दोबारा बनने में भी समय लगता है।'


Content Writer

suman prajapati

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