‘Gandhi Talks’ ट्रेलर: मौन, संगीत और संवेदनाओं की अनकही कहानी

Tuesday, Jan 27, 2026-04:16 PM (IST)

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। Zee Studios ने Kyoorius Digital, Pincmoon Meta Studios और Movie Mill Entertainment के साथ मिलकर Gandhi Talks का ट्रेलर लॉन्च कर दिया है—एक ऐसी फिल्म जो साहसी, कंटेंट-चालित सिनेमा में मेकर्स के विश्वास को मज़बूती से पुनः स्थापित करती है और पारंपरिक ढांचे को चुनौती देने वाली कहानी पेश करती है।

 

जहां आज का अधिकांश सिनेमा शोर और तमाशे से भरा हुआ है, वहीं Gandhi Talks संयम और आत्मविश्वास के साथ सामने आती है। यह ट्रेलर बिना संवाद बोले बहुत कुछ कह जाता है, जहाँ प्रभावशाली दृश्य, ठहराव और भावनात्मक गहराई कहानी को आगे बढ़ाते हैं। यह एक ऐसा सिनेमाई बयान है जो दर्शकों से केवल सुनने नहीं, बल्कि महसूस करने और समझने की उम्मीद करता है।

 

विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव जैसे दमदार कलाकारों से सजे इस ट्रेलर में सूक्ष्म अभिनय, आंतरिक संघर्ष और बिना शब्दों की अभिव्यक्ति की झलक मिलती है। यहाँ संवादों की जगह अभिव्यक्ति और उपस्थिति कहानी का केंद्र बनती है। अपने अनुभव को साझा करते हुए विजय सेतुपति कहते हैं,
“Gandhi Talks ने मुझे बिना शब्दों के भाव व्यक्त करने की चुनौती दी। यह एक दुर्लभ फिल्म है जहाँ मौन ही सबसे ताक़तवर संवाद बन जाता है।”

 

इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए अरविंद स्वामी कहते हैं,
“एक ऐसी दुनिया में जो शोर से भरी है, Gandhi Talks हमें याद दिलाती है कि ख़ामोशी अब भी आत्मा को झकझोर सकती है। इस फिल्म में शब्द पीछे हट जाते हैं और सच चुपचाप सामने आ जाता है। रहमान का संगीत इसकी भाषा बन जाता है।”

 

फिल्म के भावनात्मक पक्ष पर बात करते हुए अदिति राव हैदरी कहती हैं,
“इस फिल्म में मुझे सबसे ज़्यादा प्रभावित किया कि भावनाओं को बोला नहीं, महसूस किया जाता है। यह फिल्म संवेदनशीलता और ख़ामोशी को एक साथ बहुत खूबसूरती से जीने देती है।”

सिद्धार्थ जाधव के लिए यह फिल्म सिनेमा की सार्वभौमिकता का प्रमाण रही। वे कहते हैं,
“ऐसी फिल्म का हिस्सा बनना जो बिना संवादों के इतना प्रभावी रूप से बात करती है, बेहद खास अनुभव था। यह याद दिलाती है कि सिनेमा शब्दों से कहीं आगे जाता है।”

 

दिग्दर्शक किशोर पांडुरंग बेलेकर द्वारा निर्देशित Gandhi Talks को ए. आर. रहमान के प्रभावशाली संगीत और बैकग्राउंड स्कोर का सशक्त सहारा मिला है। रहमान का संगीत फिल्म के मौन दृश्यों में प्राण भरता है और प्रतिष्ठित गायकों की आवाज़ें अनकहे पलों को और गहन बनाती हैं।

 

एक साहसी और अनोखे कदम के रूप में मेकर्स ने ट्रेलर को इसके संगीत समारोह से तीन दिन पहले रिलीज़ किया—एक ए. आर. रहमान लाइव कॉन्सर्ट—जिससे सिनेमा और लाइव म्यूज़िक का दुर्लभ और विचारपूर्ण मेल सामने आया। यह विशिष्ट प्रमोशनल रणनीति फिल्म की अपनी फिलॉसफी को दर्शाती है—डूबकर महसूस करने वाली, अनुभववादी और कलात्मक दृष्टिकोण वाली।

 


Content Editor

Jyotsna Rawat

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