दुष्कर्म मामले में आदित्य पंचोली ने किया कोर्ट का रुख, नहीं मिली कोई राहत, अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय
Thursday, Feb 12, 2026-06:18 PM (IST)
मुंबई. एक्टर आदित्य पंचोली के खिलाफ 2019 में दुष्कर्म मामले को लेकर एक एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं, हाल ही में इस मामले में उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है और एफआईआर रद्द करने की मांग की है। यह मामला एक बॉलीवुड एक्ट्रेस की शिकायत पर आधारित है, जिसमें पंचोली को आरोपी बनाया गया था।
याचिका में क्या कहा गया?
आदित्य पंचोली की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत पाटिल ने अदालत से आग्रह किया कि एफआईआर को निरस्त किया जाए। बचाव पक्ष का तर्क है कि शिकायत कथित घटना के लगभग 15 वर्ष बाद दर्ज कराई गई, जिससे पता चलता है कि इसे गलत इरादे से दर्ज कराया गया। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के चर्चित ‘भजनलाल’ निर्णय का हवाला देते हुए कहा गया है कि यदि प्रथम दृष्टया मामला दुर्भावनापूर्ण या कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग प्रतीत हो, तो एफआईआर रद्द की जा सकती है।

पीड़िता की अनुपस्थिति पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा 11 नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भी पीड़िता जांच के लिए पेश नहीं हुई। इस पर हाई कोर्ट ने नया नोटिस जारी करते हुए शिकायतकर्ता को अगली निर्धारित तिथि, 24 फरवरी 2026, को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।
2019 में दर्ज हुई थी एफआईआर
यह मामला 27 जून 2019 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायत के आधार पर पंचोली के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। उस समय एक्टर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने फिलहाल मामले में कोई अंतिम राहत नहीं दी है और अगली सुनवाई 24 फरवरी 2026 को तय की है। उस दिन अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और शिकायतकर्ता की उपस्थिति के आधार पर आगे की कार्यवाही पर विचार करेगी।
