जेल या बेल? राजपाल यादव की जमानत याचिका पर कोर्ट का कड़ा रुख, कहा- कानून तो कानून है, फिर बहस क्यों?

Thursday, Feb 12, 2026-02:44 PM (IST)

मुंबई. बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों एक चेक बाउंस मामले को लेकर कानूनी पचड़े में फंसे हुए हैं। यह मामला करीब 9 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि तय समय पर राशि का भुगतान न होने के चलते मामला अदालत तक पहुंचा और बाद में सजा सुनाई गई। कर्जा चुका पाने में असमर्थ रहने पर राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल अधिकारियों के समक्ष सरेंडर कर दिया था। 12 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। तो आइए जानते हैं क्या कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया।

 

आज दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान अदालत ने राजपाल यादव के रुख पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने पूछा कि जब उन्होंने पहले ही यह स्वीकार किया था कि उन्होंने धनराशि उधार ली थी और उसे लौटाने का आश्वासन दिया था, तो अब सजा पर रोक लगाने की मांग किस आधार पर की जा रही है।


वहीं, राजपाल यादव के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा- हमने उसी डेट पर कहा था कि ये मामला सॉल्व करना चाहते हैं। राजपाल ने कोर्ट में कहे अपने शब्दों का मान रखने के लिए सरेंडर किया है। फिल्म में जो 5 करोड़ की रकम इंवेस्ट की थी, वो उसे चुकाना चाहते हैं। 3 करोड़ से ज्यादा की रकम दी जा चुकी है।


  
आगे कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा - समझ नहीं आता ये बहस क्यों हो रही है? आपने याचिका दाखिल की थी और कहा कि पैसों का भुगतान करेंगे। फिर सालों तक आपने पेमेंट नहीं की। आदेश तोड़े की वजह से आपको सरेंडर करना पड़ा। आप पिछला ऑर्डर देखो। मैं इस मामले में हस्तक्षेप करने की कोई वजह नहीं देखता हूं। आप मीडिएशन सेंटर गए। वहां भुगतान करने का वादा किया। आपको 25-30 मौके दिए गए। अब आप इस केस को दोबारा खोलना चाहते हैं? आपको पैसे देने में देरी क्यों हुई, इसकी जानकारी देनी होगी। मुझे आपसे सहानुभूति हो सकती है लेकिन कानून तो कानून है।
 
फिर अपनी दलील रखते हुए राजपाल यादव के वकील ने कहा- याचिकाकर्ता को 2.10 करोड़ रुपये जमा करने हैं। हमें फिल्म इंडस्ट्री और पब्लिक से मदद मिल रही है। 

इस पर हाईकोर्ट ने कहा- इसका किसी भी बात से क्या लेना देना है? 25 बार आपने कहा कि ये कर्ज है। अगर ये अमाउंट जमा करने को तैयार हैं तो आगे सुनवाई जारी रखेंगे।

आगे राजपाल के वकील ने कहा कि हम कोर्ट में बतौर सिक्योरिटी अमाउंट जमा करने के लिए तैयार हैं, लेकिन राजपाल के परिवार में शादी है, इसलिए हमें जमानत चाहिए। 

 
  
क्या है पूरा मामला?
 

दरअसल, ये मामला 2012 में आई एक्टर की फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़ा है। इस मूवी के लिए राजपाल ने 2010 में दिल्ली के एक बिजनेसमैन से 5 करोड़ का लोन लिया था। हालांकि, ये फिल्म फ्लॉप साबित हुई और राजपाल को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद वो कर्ज चुका पाने में असमर्थ रहे। फिस 2018 में राजपाल और उनकी पत्नी के खिलाफ केस किया गया। 5 करोड़ का ये अमाउंट ब्याज के साथ 9 करोड़ हो गया। बार-बार कोर्ट का आदेश मिलने के बाद भी राजपाल यादव ने इस पर गौर नहीं किया और अंत में जब कोर्ट के अल्टीमेटम पर वो पैसा नहीं चुका पाए तो उन्हें खुद को सरेंडर करना पड़ा।
 


Content Writer

suman prajapati

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