बयान को लेकर विवादों में घिरे AR Rahman को अनूप जलोटा ने दी हिंदू बनने की सलाह, कहा- ''धर्म परिवर्तन हो जाने के बाद..
Wednesday, Jan 21, 2026-02:36 PM (IST)
मुंबई. बॉलीवुड के जाने माने संगीतकार ए आर रहमान पिछले कुछ दिनों से अपने एक बयान को लेकर खूब ट्रोल हो रहे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि मुस्लिम होने की वजह से उन्हें कम्यूनल डिस्क्रिमिनेशन झेलना पड़ा है और उन्हें काम नहीं मिल रहा। इस बयान के बाद आम लोगों से लेकर सेलेब्स तक उनके स्टेटमेंट की आलोचना की। वहीं, अब भजन सिंगर अनूप जलोटा ने भी एआर रहमान की टिप्पणी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अनूप जलोटा ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह कह रहे हैं- 'म्यूजिक डायरेक्टर एआर रहमान पहले हिंदू थे। उसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया और बहुत काम किया, बहुत नाम कमाया, लोगों के दिलों में बहुत अच्छी जगह बनाई। लेकिन अगर उन्हें इस बात का विश्वास है कि हमारे देश में मुस्लिम होने की वजह से उनको फिल्म नहीं मिल रही है संगीत देने के लिए, तो फिर वो दोबारा हिंदू हो जाएंगे। तो उनको ये विश्वास होना चाहिए कि हिंदू होने के बाद, धर्म परिवर्तन हो जाने के बाद, उनको फिर से फिल्में मिलनी शुरू हो जाएंगी। यही तो उनका मतलब है। तो मेरी सलाह है कि वो हिंदू हो जाएं और फिर कोशिश करें कि उनको दोबारा फिल्में मिलती हैं या नहीं।' अब अनूप जलोटा का ये वीडियो भी वायरल हो रहा है और लोग इस पर खूब रिएक्ट करते दिख रहे हैं।
क्या था एआर रहमान का बयान?Anup Jalota: If AR Rahman feels that he is not getting work because he is a Muslim then he should convert and become Hindu again....😂😂😂😂 pic.twitter.com/1NXBg5H2Hs
— Incognito (@Incognito_qfs) January 20, 2026
दरअसल, बीते दिनों एआर रहमान से पूछा गया था कि क्या आपको एक तमिल म्यूजिक कंपोजर होने के नाते आपको बॉलीवुड में कभी भेदभाव झेलना पड़ा। इस पर उन्होंने कहा था- 'शायद मुझे इसके बारे में कभी पता ही नहीं चला, शायद भगवान ने इसे छुपा रखा था, लेकिन मुझे इसका जरा भी एहसास नहीं हुआ। पिछले आठ सालों में शायद सत्ता परिवर्तन हुआ है और अब सत्ता उन लोगों के हाथ में है जो रचनात्मक नहीं हैं। यह सांप्रदायिक मुद्दा भी हो सकता है। लेकिन यह मेरे सामने जाहिर नहीं है।'
इस बयान के बाद एआर रहमान को खूब ट्रोल किया गया, जिसके बाद उन्होंने माफी भी मांगी थी और कहा था- 'संगीत हमेशा से हमारी संस्कृति से जुड़ने, उसका जश्न मनाने और उसका सम्मान करने का मेरा जरिया रहा है। भारत मेरी प्रेरणा, मेरा गुरु और मेरा घर है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी इरादों को गलत समझा जा सकता है। लेकिन मेरा उद्देश्य हमेशा संगीत के माध्यम से उत्थान, सम्मान और सेवा करना रहा है। मैंने कभी किसी को ठेस पहुंचाने की इच्छा नहीं रखी और मुझे उम्मीद है कि मेरी ईमानदारी महसूस की जाएगी।'
