भाभी मुस्कान के आरोपों के खिलाफ हंसिका मोटवानी ने खटखटाया बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा, की FIR रद्द करने की मांग

Friday, Apr 04, 2025-11:46 AM (IST)

मुंबई. बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी ने उस वक्त काफी सुर्खियों में आई थी, जब भाभी मुस्कान ने एक्ट्रेस और उनकी मां पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके साथ ही उन्होंने दोनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। वहीं, अब हाल ही में हंसिका मोटवानी ने इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और उनके खिलाफ दायर एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। 

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हंसिका मोटवानी की भाभी और टीवी एक्ट्रेस मुस्कान नैंसी जेम्स ने 2022 में अपने पति प्रशांत मोटवानी से अलगाव के बाद एफआईआर दर्ज कराई थी। मुस्कान ने शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रशांत पर घरेलू हिंसा का आरोप था, जिसके चलते उन्हें 'बेल्स पाल्सी' जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा, जो कि चेहरे के लकवे का कारण बनती है।

मुस्कान ने आगे आरोप लगाया था कि हंसिका और उनकी मां ने उनकी शादी में हस्तक्षेप किया और यह हस्तक्षेप उनकी शादी टूटने का कारण बना। मुस्कान ने एफआईआर में यह भी दावा किया कि हंसिका ने शादी समारोह के दौरान महंगी घड़ियां, विदेशी फल और सूखे मेवे उपहार के रूप में मांगे थे, जो कि एक असामान्य और अव्यावसायिक मांग थी। इसके अलावा, मुस्कान ने यह भी आरोप लगाया कि हंसिका और उनकी मां ने उन्हें एक फ्लैट बेचने और उदयपुर में विवाह समारोह के आयोजन के लिए 20 लाख रुपये देने का दबाव डाला था।

 

एफआईआर में आईपीसी की धारा 498ए (घरेलू हिंसा), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 504 (जानबूझकर अपमान), 506 (धमकी देना) और 34 (सामूहिक अपराध) के तहत मामले दर्ज किए गए थे। इन आरोपों ने हंसिका मोटवानी और उनकी मां के खिलाफ विवाद पैदा किया, जिसके बाद हंसिका ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

 

हंसिका मोटवानी की याचिका और कोर्ट की सुनवाई

हंसिका मोटवानी ने अपनी याचिका में सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका कहना था कि उनके और मुस्कान के बीच किसी भी तरह का असामान्य व्यवहार नहीं था और न ही शादी के दौरान किसी प्रकार का दबाव डाला गया था। हंसिका ने कहा कि उनके भाई और मुस्कान के बीच पहले से ही मतभेद चल रहे थे और 2022 में आपसी बातचीत के माध्यम से उनका तलाक तय हो गया था। उन्होंने इस बात का भी आरोप लगाया कि मुस्कान ने मीडिया के सामने इस एफआईआर को साझा कर उनके और उनकी मां की छवि को खराब करने की कोशिश की है।
कोर्ट का आदेश और अगली सुनवाई

हंसिका के वकील ने अदालत में यह तर्क दिया कि यह मामला महज परिवारिक विवाद का हिस्सा था और इसमें किसी भी तरह का आपराधिक तत्व नहीं था। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस एसएम मोदक की पीठ ने हंसिका मोटवानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया। कोर्ट ने यह मामला अगले सुनवाई के लिए 3 जुलाई 2025 को निर्धारित किया है, जब इस पर विस्तार से सुनवाई की जाएगी।
 


Content Writer

suman prajapati

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