दिव्यांगों का मजाक उड़ाना समय रैना को पड़ा भारी, SC का आदेश- महीने में दो बार दिव्यांगों के लिए करना होगा फंडरेजिंग इवेंट
Friday, Nov 28, 2025-02:52 PM (IST)
मुंबई. मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना हाल के दिनों में अपनी कॉमेडी से ज्यादा विवादों की वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं। पहले वह अपने शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ को लेकर ट्रोल हुए थे और अब एक नए मामले ने उन्हें फिर से मुश्किलों में घिर गए हैं। कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में समय रैना ने स्टेज पर दिव्यांग व्यक्तियों का मज़ाक उड़ाया था और उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगा। आलोचना बढ़ने पर उन्होंने माफी जरूर मांगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे पर्याप्त नहीं माना।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त चेतावनी और कड़ा आदेश
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर गंभीर रुख अपनाते हुए समय रैना को कई निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सबसे पहले उस विवादित वीडियो को तत्काल हटाने का आदेश दिया।

इसके साथ ही समय रैना और अन्य चार कॉमेडियंस को हर महीने कम से कम दो बार दिव्यांगों के हित में फंडरेजिंग इवेंट आयोजित करने को कहा गया है। इन इवेंट्स से जुटाई गई राशि विशेष रूप से स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी से पीड़ित लोगों के इलाज और सहायता में उपयोग की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि यह किसी प्रकार की सजा नहीं है, बल्कि समाज के प्रति एक नैतिक जिम्मेदारी है, जिसे पूरा करना आवश्यक है।
मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने जारी किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अगली सुनवाई से पहले अदालत यह उम्मीद करती है कि दिव्यांगों की सहायता के लिए आयोजित फंडरेजिंग कार्यक्रमों की वास्तविक झलकियां उन्हें देखने को मिलेंगी।
इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी बताया कि समाज में प्रभावशाली लोगों को अपनी लोकप्रियता का उपयोग सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करना चाहिए।
अगली सुनवाई कब होगी?
कोर्ट ने अभी अगली सुनवाई की तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन यह बात स्पष्ट है कि अदालत समय रैना और अन्य कॉमेडियंस द्वारा किए जाने वाले सामाजिक कार्यों पर करीबी नजर रखेगी। कोर्ट के अनुसार यह आदेश किसी दंड के रूप में नहीं बल्कि एक मानवीय दायित्व के रूप में दिया गया है।
