बाॅलीवुड में मची Operation Sindoor पर फिल्म बनाने की होड़, शिवसेना सांसद ने की कड़ी निंदा
Friday, May 09, 2025-12:40 PM (IST)

बाॅलीवुड तड़का : पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिन्दूर' के तहत POK और पाकिस्तान के अंदर घुसकर कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे देश में देशभक्ति की भावना और जोश का माहौल बन गया। अब इसी मिशन को लेकर फिल्मी दुनिया में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है।
प्रोडक्शन हाउस कर रहे 'ऑपरेशन सिन्दूर' पर फिल्म बनाने की तैयारी
बॉलीवुड के कई बड़े प्रोडक्शन हाउस 'ऑपरेशन सिन्दूर' पर फिल्म या वेब सीरीज़ बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए कई निर्माताओं ने 'ऑपरेशन सिन्दूर', 'सिन्दूर ऑपरेशन', 'ऑपरेशन सिन्दूर मैग्नम', 'पहलगाम: द हॉरिफ़िक टेरर', 'द पहलगाम टेरर' जैसे टाइटल रजिस्टर कराने के लिए आवेदन भेजे हैं।
कौन-कौन शामिल है इस रेस में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Indian Film and Television Producers Council (IFTPC) और Indian Motion Picture Producers Association (IMPPA) को बुधवार दोपहर से इन टाइटल्स के लिए लगातार आवेदन मिलने शुरू हो गए थे। IFTPC के अधिकारी सुरेश अमीन ने बताया कि उन्हें अब तक 10 से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं, जो सभी 'ऑपरेशन सिन्दूर' या उससे जुड़ी कहानी पर आधारित हैं।
इन टाइटल्स को रजिस्टर कराने की होड़ में शामिल हैं-
- जॉन अब्राहम का प्रोडक्शन हाउस
- आदित्य धर का प्रोडक्शन हाउस
- महावीर जैन की कंपनी
- अशोक पंडित
- फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर
- ज़ी स्टूडियोज
- रिलायंस
- बॉम्बे शो स्टूडियोज
- ऑलमाइटी मोशन पिक्चर
- जेपी फिल्म्स आदि
इनमें से कई निर्माता इस विषय पर फिल्म के साथ-साथ वेब सीरीज की भी योजना बना रहे हैं।
Shameless vultures. pic.twitter.com/GHFSKBFdS2
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) May 9, 2025
प्रियंका चतुर्वेदी ने जताई कड़ी आपत्ति
फिल्म बनने की इस होड़ पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने नाराज़गी जताई है। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा- 'बेशर्म गिद्ध।' उनका इशारा इस ओर था कि निर्माता इस गंभीर सैन्य मिशन को सिर्फ मुनाफे के नजरिए से भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या है लोगों की प्रतिक्रिया?
सोशल मीडिया पर लोग इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग मानते हैं कि देशभक्ति से जुड़ी कहानियां लोगों तक पहुंचनी चाहिए, तो कुछ का मानना है कि इतनी जल्दी फिल्म बनाने की कोशिश शहीदों और सेना के बलिदान के साथ अन्याय है।