मनोज कुमार के बेटे ने क्यों छोड़ी थी फिल्म इंडस्ट्री, अब हैं करोड़ों के बिजनेसमैन
Friday, Apr 04, 2025-11:48 AM (IST)

बाॅलीवुड तड़का : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे और उनके निधन से पूरा देश शोक में डूब गया है। सोशल मीडिया पर उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री के लोग अपना दुख जाहिर कर रहे हैं। मनोज कुमार अपने पीछे पत्नी और बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके बेटे कुणाल गोस्वामी ने भी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, लेकिन उन्हें अपने पिता जैसी सफलता नहीं मिल पाई। कई फ्लॉप फिल्मों के बाद कुणाल ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला लिया था और अब वह बिजनेस में सफलता हासिल कर रहे हैं।
बेटे कुणाल गोस्वामी का फिल्मी करियर
मनोज कुमार के बेटे कुणाल गोस्वामी ने भी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था। उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली। उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुईं। हालांकि, उनकी एक फिल्म 'नीले नीले अंबर पर चांद' का गाना काफी हिट हुआ था, लेकिन फिल्में सफल नहीं हो पाईं। इसके बाद कुणाल ने फिल्म इंडस्ट्री को छोड़ दिया और बिजनेस में हाथ आजमाया।
कुणाल गोस्वामी का बिजनेस करियर
कुणाल ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के बाद कैटरिंग का बिजनेस शुरू किया, जो काफी सफल रहा। उन्होंने दिल्ली में कैटरिंग का कारोबार शुरू किया और यह शानदार तरीके से चलने लगा। अब कुणाल गोस्वामी बिजनेस में शानदार सफलता हासिल कर रहे हैं और अपनी फैमिली के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं।
मनोज कुमार का फिल्मी करियर
मनोज कुमार ने अपनी फिल्मी यात्रा की शुरुआत फिल्म 'फैशन' से की थी, जिसमें उन्होंने एक 80 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाया था। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन उनकी किस्मत बदल गई फिल्म 'हरियाली और रास्ता' से। इस फिल्म में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई और वे एक बड़े स्टार बन गए।
'भारत कुमार' के नाम से फेमस
मनोज कुमार को उनकी फिल्मों में देशभक्ति के किरदारों के लिए 'भारत कुमार' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अपने करियर में 45 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, जिनमें ज्यादातर फिल्में देशभक्ति पर आधारित थीं। उनकी फिल्मों ने न केवल दर्शकों के दिलों में जगह बनाई, बल्कि उन्होंने खुद को भारतीय सिनेमा के एक महत्वपूर्ण अभिनेता के रूप में स्थापित किया। इसके अलावा, मनोज कुमार को 1992 में पद्मश्री और 2015 में दादासाहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया था।
मनोज कुमार का योगदान भारतीय सिनेमा में हमेशा याद रखा जाएगा, और उनके परिवार ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की है।