मद्रास हाई कोर्ट ने थलापति विजय की ‘जना नायगन’ पर सुनाया बड़ा फैसला, फिल्म को मिया UA सर्टिफिकेट
Friday, Jan 09, 2026-05:31 PM (IST)
मुंबई. थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायगन’ को लेकर चल रहा सेंसर सर्टिफिकेट विवाद अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। फिल्म की रिलीज से ठीक पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से क्लियरेंस न मिलने के कारण इसके प्रदर्शन पर रोक लग गई थी। यह फिल्म 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सर्टिफिकेट में देरी की वजह से मेकर्स को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। फिल्म निर्माताओं ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस वजह के ‘जना नायकन’ का सर्टिफिकेशन रोका जा रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अब हाई कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है।
CBFC विवाद पर हाई कोर्ट का अहम फैसला
मद्रास हाई कोर्ट ने ‘जना नायकन’ के निर्माताओं के पक्ष में फैसला देते हुए स्पष्ट किया कि CBFC चेयरपर्सन के पास फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजने का अधिकार नहीं था। कोर्ट ने 6 जनवरी को जारी CBFC के उस पत्र को रद्द कर दिया, जिसमें सर्टिफिकेट जारी करने में देरी की गई थी। इसके साथ ही अदालत ने बोर्ड को तुरंत फिल्म के लिए सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया।

‘जना नायगन’ को मिला UA सर्टिफिकेट
हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि ‘जना नायगन’ को बिना किसी और देरी के ‘UA’ सर्टिफिकेट दिया जाएगा। सीबीएफसी की बैठक में रिव्यू कमेटी और एडवाइजरी पैनल द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर विचार करने के बाद UA सर्टिफिकेट देने का निर्णय लिया गया। UA सर्टिफिकेट का मतलब है कि फिल्म को सभी उम्र के दर्शक देख सकते हैं, हालांकि बच्चों के लिए पैरेंटल गाइडेंस की सलाह दी जाती है।
हाई कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने कहा कि फिल्म के खिलाफ शिकायत सोची-समझी लग रही थी और कहा कि ऐसी शिकायतों पर ध्यान देने से एक खतरनाक चलन शुरू हो सकता है, जिससे बचना चाहिए। इस आदेश के साथ, 'जना नायकन' के आसपास सेंसर का मुद्दा खत्म हो गया है, जिससे इसके रिलीज का रास्ता साफ हो गया है।
रिलीज का रास्ता हुआ साफ
इस फैसले के साथ ही ‘जना नायगन’ से जुड़ा सेंसर विवाद खत्म हो गया है और अब फिल्म की रिलीज का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है। बता दें कि इस मामले में अदालत ने प्रोडक्शन हाउस की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सतीश पारासरन और CBFC की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ए.आर.एल. सुंदरेशन की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखा था।
फिल्म को वेंकट के. नारायण की कंपनी KVN प्रोडक्शंस प्रोड्यूस कर रही है। प्रोडक्शन हाउस ने कोर्ट में यह भी कहा था कि सर्टिफिकेशन में अनावश्यक देरी से उन्हें भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। अब कोर्ट के फैसले के बाद मेकर्स और फैंस दोनों ने राहत की सांस ली है, और दर्शकों को जल्द ही थलपति विजय की यह फिल्म बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी।
