रणवीर सिंह की धुरंधर ने रचा इतिहास, भारत में ₹1000 करोड़ क्लब में एंट्री
Wednesday, Jan 28, 2026-02:52 PM (IST)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। रणवीर सिंह ने धुरंधर के साथ हिंदी सिनेमा के बॉक्स ऑफिस इतिहास को नया रूप दे दिया है। वह भारत में ₹1000 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली फिल्म को लीड करने वाले पहले बॉलीवुड अभिनेता बन गए हैं। इससे पहले भी वह अपनी पीढ़ी के एकमात्र स्टार थे, जिनकी फिल्म ₹1000 करोड़ वर्ल्डवाइड क्लब में शामिल हुई थी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ रणवीर अब बाहुबली, केजीएफ और पुष्पा जैसी फिल्मों की एलीट लिस्ट में शामिल हो गए हैं—ऐसी फिल्में जिन्होंने सिर्फ सफलता नहीं पाई, बल्कि थिएटर बिजनेस का स्तर ही बदल दिया।
आंकड़े इस उपलब्धि की बड़ी तस्वीर दिखाते हैं। धुरंधर ने भारत में करीब ₹891 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, जो ग्रॉस में लगभग ₹1052 करोड़ बैठता है। फिल्म का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा—ओवरसीज़ से भी इसने करीब ₹298 करोड़ कमाए। इस तरह फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग ₹1350 करोड़ तक पहुंच गया। ये आंकड़े धुरंधर को सिर्फ ब्लॉकबस्टर नहीं, बल्कि एक बड़ा सिनेमाई घटनाक्रम साबित करते हैं।
ऐसे दौर में जहां सफलता अक्सर थोड़े समय की होती है, रणवीर सिंह ने एक ऐसा पल दिया है जो एक पूरे दौर को परिभाषित करता है। फिल्म में ‘हम्ज़ा’ के किरदार में उन्होंने दर्शकों के बीच ऐसा जोश पैदा किया कि इसे अब “हम्ज़ा फीवर” कहा जा रहा है। यह किरदार सिर्फ देखा नहीं गया, बल्कि हर उम्र और वर्ग के लोगों ने इसे अपनाया, चर्चा की और सेलिब्रेट किया।
क्रिटिक्स और बॉक्स ऑफिस—दोनों के लिहाज़ से धुरंधर एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई। रणवीर की परफॉर्मेंस में जबरदस्त तीव्रता और बड़े स्तर का आकर्षण था, जिसने साबित किया कि वह सिर्फ अपनी मौजूदगी से फिल्म को आगे ले जा सकते हैं। पार्ट 1 के अंत तक वह सिस्टम के भीतर मुकाबला नहीं कर रहे थे—बल्कि अपनी अलग जगह बना चुके थे, जो सीधे रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई।
अब सबकी नज़र धुरंधर 2 पर है, जहां उम्मीदें और भी ज़्यादा हैं। जहां पहला पार्ट प्रभाव और भव्यता पर केंद्रित था, वहीं दूसरा पार्ट हम्ज़ा के अतीत—जसकीरत के रूप में उसकी कहानी—को गहराई से दिखाने वाला है। इससे किरदार में भावनात्मक गहराई आएगी और दर्शकों को उस इंसान को समझने का मौका मिलेगा, जिसे उन्होंने इतने जुनून से फॉलो किया। अगर पार्ट 1 सत्ता और शो के बारे में था, तो पार्ट 2 विरासत और विस्तार की कहानी बनता दिख रहा है।
अब सवाल तुलना या मुकाबले का नहीं रहा। अगर धुरंधर 2 भी पार्ट 1 की सफलता के करीब पहुंचती है, तो रणवीर सिंह पूरी तरह निर्विवाद जगह पर पहुंच जाएंगे। एक ऐतिहासिक सफलता पाना मुश्किल होता है, लेकिन उसे इस स्तर पर बनाए रखना उससे भी ज़्यादा कठिन। धुरंधर के साथ रणवीर ने इसकी झलक दिखा दी है। आगे जो आने वाला है, वह उन्हें भारतीय सिनेमा के शिखर पर स्थायी रूप से स्थापित कर सकता है—बिना किसी सवाल के, बिना किसी बराबरी के, इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज।
