मीका सिंह ने आवारा कुत्तों के प्रति पेश की इंसानियत की मिसाल, स्ट्रीट डॉग्स को आश्रय देने के लिए दान की 10 एकड़ जमीन
Monday, Jan 12, 2026-05:44 PM (IST)
मुंबई.आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर हाल के दिनों में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई ने देशभर में बहस छेड़ दी थी। इस मुद्दे पर जनता में काफी भ्रम और आक्रोश देखने को मिला। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने सड़कों से कुत्तों को पूरी तरह हटाने का कोई आदेश नहीं दिया है। ऐसे में जब आवारा कुत्तों को लेकर समाज में दो राय देखने को मिल रही है। तो इसी बीच बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह ने आवारा कुत्तों के प्रति इंसानियत की मिसाल पेश की है। उन्होंने बेसहारा कुत्तों की देखभाल और सुरक्षा के लिए अपनी 10 एकड़ जमीन दान करने का संकल्प लिया है।

मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर जाहिर किया इरादा
मीका सिंह ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर इस नेक पहल की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि सड़क पर घूमने वाले कुत्तों के कल्याण को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कदम से बचा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आवारा कुत्तों को लेकर संभावित न्यायिक कार्रवाई पर चिंता जताई।
Mika Singh humbly appeals to the Hon’ble Supreme Court of India to kindly consider refraining from any actions that may adversely affect the welfare of dogs.
— King Mika Singh (@MikaSingh) January 11, 2026
I respectfully submit that I have sufficient land at my disposal and am fully prepared to donate 10 acres of land… pic.twitter.com/oNlqxY5rTZ
मीका ने अपने पोस्ट में माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र अपील करते हुए कहा कि वह ऐसे किसी भी निर्णय पर पुनर्विचार करे, जिससे कुत्तों के कल्याण पर नकारात्मक असर पड़े। मीका सिंह लंबे समय से पशु अधिकारों के समर्थक रहे हैं और इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते आए हैं।

कुत्तों के लिए आश्रय बनाने को तैयार मीका
अपने संदेश में मीका सिंह ने साफ तौर पर कहा कि उनके पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और वह आवारा कुत्तों की देखभाल, आश्रय और पुनर्वास के लिए 10 एकड़ जमीन दान करने को पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस जमीन पर कुत्तों की सुरक्षा, इलाज और अच्छे जीवन के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
इसके साथ ही मीका ने न सिर्फ जमीन देने की बात कही, बल्कि उन्होंने यह भी अपील की कि इन जानवरों की देखरेख के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मुहैया कराया जाए, ताकि उनका जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बन सके।
