तालिबान में पत्नी को पीटने को कानूनी मान्यता, जावेद अख्तर ने किया कानून का विरोध, कहा- बहुत हो गया
Sunday, Feb 22, 2026-03:48 PM (IST)
मुंबई. बॉलीवुड के मशहूर स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर अक्सर अपने बेबाक अंदाज को लेकर चर्चा में रहते हैं। वो किसी भी मामले पर खुलकर सोशल मीडिया पर अपनी राय रखते हैं। वहीं, अब हाल ही में उन्होंने तालिबान के एक औरतों के साथ घरेलू हिंसा को जायज बताने वाले कानून पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसकी कड़ी निंदा की है।
क्या बोले जावेद अख्तर?
जावेद अख्तर ने औरते के साथ घरेलू हिंसा को सही बताने वाले कानून पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अपने एक्स अकाउंट पर लिखा- 'तालिबानियों ने पत्नी को पीटने को कानूनी मान्यता दे दी है, जब तक कोई हड्डी न टूटे। अगर कोई पत्नी पति की इजाजत के बिना अपने मायके जाती है, तो उसे तीन महीने की जेल होगी। मैं भारत के मुफ्ती और मुल्लाओं से निवेदन करता हूं कि वो इसकी बिना शर्त निंदा करें, क्योंकि ये सब धर्म के नाम पर किया जा रहा है और अब बहुत हो गया।'

वायरल हुआ पोस्ट
जावेद अख्तर का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर आते ही तेजी से वायरल हो गया और फैंस भी उनकी बात को सपोर्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

क्या है तालिबान का नया कानून?
द इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान की नई दंड संहिता के तहत, पति के द्वारा की गई घरेलू हिंसा तब तक जायज है जब तक कि पत्नी की हड्डियां ना टूट जाएं। इस मामले में सजा तभी लागू होगी जब हमला लाठी से किया गया हो। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि कोई भी महिला अपने पति की इजाजत के बिना यदि मायके जाती है तो उसे जेल हो जाएगी।
