रोहित शेट्टी से जुड़े फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगी कामयाबी, हरियाणा से गिरफ्तार किए शूटर
Monday, Feb 16, 2026-01:15 PM (IST)
मुंबई. मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी से जुड़े फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मामले में शामिल चार शूटरों समेत कुल छह आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर मुंबई लाया जा रहा है, जहां उनसे विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
हरियाणा से छह आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रितिक यादव, दीपक, सनी और सोनू के नाम सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये चारों फायरिंग की घटना में सीधे तौर पर शामिल थे। इनके अलावा दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है।

बताया जा रहा है कि रितिक यादव आगरा जिले के बहाबीजौली गांव का रहने वाला है। दीपक नोएडा के सेक्टर-45 स्थित सादरपुर इलाके का निवासी है, जबकि सनी और सोनू भी आगरा के बहाबीजौली गांव से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि दीपक शर्मा इस पूरी वारदात का मुख्य शूटर था। घटना के बाद वह हरियाणा के बहादुरगढ़ इलाके में छिपा हुआ था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
मुंबई क्राइम ब्रांच को आरोपियों के हरियाणा में छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद एक टीम ने वहां छापेमारी कर सभी को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस इनसे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि इस साजिश के पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसका मकसद क्या था।

जांच में सामने आए अहम खुलासे
जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, जुहू स्थित रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग कोई अकेली घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक संगठित साजिश की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस को पता चला है कि फायरिंग करने वाला शूटर अकेला नहीं था। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था, जो इलाके पर नजर रखे हुए था। वारदात के तुरंत बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
कैसे भागे आरोपी?
जांच में यह भी सामने आया कि फायरिंग के बाद आरोपी पहले विले पार्ले स्टेशन पहुंचे थे और वहां से ट्रेन पकड़ने की कोशिश की थी। जब उन्हें वहां से ट्रेन नहीं मिली तो उन्होंने निजी वाहन का सहारा लिया और सीधे कल्याण रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से दोनों ने एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी और महाराष्ट्र से बाहर निकल गए।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में किसी बड़े गैंग या आपराधिक संगठन का हाथ है।
