इससे पहले भी 2 बार जेल जा चुके हैं राजपाल यादव, तीन महीने तक रहे थे सलाखों के पीछे, लगा था धोखाधड़ी का आरोप
Thursday, Feb 12, 2026-06:06 PM (IST)
मुंबई. आर्थिक संकट और कानूनी विवादों के चलते एक्टर राजपाल यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। चेक बाउंस और कर्ज से जुड़े मामले में वह इस समय तिहाड़ जेल में हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक्टर अपनी संपत्तियां बेचकर कर्जा नहीं चुका सकते थे। तो आइए जानते हैं इस पूरे मामले से जुड़ी पृष्ठभूमि और उनकी संपत्तियों की स्थिति।
2013 में हुई थी जेल
साल 2013 में राजपाल यादव को धोखाधड़ी के एक मामले में 10 दिन की सजा सुनाई गई थी, जिसमें से उन्होंने 4 दिन जेल में काटे थे। उस वक्त कोर्ट ने उनके द्वारा दाखिल किए गए एक हलफनामे पर सख्त ऐतराज जताया था, जिसमें कथित तौर पर उनकी पत्नी राधा के फर्जी हस्ताक्षर थे।

2018 में भी सलाखों के पीछे गए थे एक्टर
बताया जाता है कि राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता-पता लापता’ के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता ली थी। उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से कथित तौर पर 5-5 करोड़ रुपये का कर्जा लिया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, जिसके बाद कर्ज चुकाने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस प्रकरण में साल 2018 में भी उन्हें तीन महीने की सजा भुगतनी पड़ी थी। बाद में बकाया राशि और ब्याज बढ़ने के कारण मामला और जटिल हो गया।
संपत्तियों की जब्ती
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2024 में बैंक ने उनके गृह नगर शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) में स्थित उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया था। बताया गया कि एक्टर ने वर्ष 2005 में अपने माता-पिता के नाम पर ‘नवरंग गोदावरी एंटरटेनमेंट लिमिटेड’ नाम से एक प्रोडक्शन कंपनी स्थापित की थी। इसी सिलसिले में मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा से ऋण लिया गया था।
नीलामी की प्रक्रिया के समय उन पर कुल देनदारी लगभग 11 करोड़ रुपये बताई गई थी, जिसमें मूल राशि और ब्याज शामिल था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार बैंक अधिकारियों ने इमारत को इतनी जल्दी में सील किया था कि वे घर के अंदर बिजली को भी बंद करना भूल गए थे। वहीं, पुलिस ने कहा था कि उन्हें इस सीलिंग के बारे में कुछ नहीं पता था।
राजपाल यादव का फिल्मी करियर
काम की बात करें तो राजपाल यादव का करियर संघर्ष और मेहनत की मिसाल रहा है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने शाहजहांपुर में रंगमंच से अपने अभिनय की शुरुआत की। बॉलीवुड में उन्होंने 1999 में फिल्म ‘दिल क्या करे’ से कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कॉमिक भूमिकाओं के जरिए खास पहचान बनाई। ‘हंगामा’, ‘हलचल’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘गरम मसाला’, ‘भागम भाग’, ‘भूल भुलैया’, ‘फिर हेरा फेरी’, ‘चुप चुप के’, ‘पार्टनर’, ‘ढोल’, ‘गॉड तुस्सी ग्रेट हो’, ‘कृष 3’, ‘वेलकम बैक’ और ‘भूल भुलैया 3’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों को दर्शकों ने खूब सराहा। आने वाले समय में वह ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम 3’ जैसी फिल्मों में नजर आने वाले हैं।
